
बात जब फिल्मों की आती है तो हम अक्सर बातें करते हैं कि बॉलीवुड वाले हॉलीवुड के टक्कर की फिल्में नहीं बना पाते हैं। कभी VFX तो कभी कोरियन सिनेमा जैसी सादगी हमारी फिल्मों में मिसिंग रहने की बात उठती है। लेकिन क्या आपको पता है कि भारत साल भर में इतनी फिल्में रिलीज करता है जितनी दुनिया भर में और कहीं नहीं होती हैं। इतना ही नहीं और भी कई ऐसी बातें हैं जो भारतीय सिनेमा को बाकी फिल्म इंडस्ट्रीज से अलग बनाती हैं। तो चलिए जानते हैं भारतीय सिनेमा के बारे में 7 रोचक तथ्य।

2/8दुनिया को लगता है कि हॉलीवुड सबसे बड़ा है, लेकिन सच यह है कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा फिल्में बनाने वाला देश है। जहां हॉलीवुड साल भर में लगभग 700-800 फिल्में बनाता है, वहीं भारत हर साल 1,500 से 2,000 के बीच फिल्में रिलीज करता है।

3/8हॉलीवुड या यूरोपियन सिनेमा में फिल्में बिना गानों के होना सामान्य बात है, वहां 'म्यूजिकल' एक अलग जॉनर होता है। लेकिन भारत में उल्टा है। यहां बिना गानों की फिल्म बनाना एक बहुत बड़ा जोखिम माना जाता है। भारतीय फिल्मों में औसतन 5-6 गाने होते हैं, जो फिल्म की मार्केटिंग और कमाई का आधा जरिया होते हैं।

4/8यह दुनिया के किसी और देश में नहीं होता। दक्षिण भारत में जब किसी बड़े सुपरस्टार की फिल्म रिलीज होती है, तो फैंस उनके कट-आउट्स को दूध से नहलाते हैं। इतना ही नहीं, अमिताभ बच्चन और सोनू सूद जैसे स्टार्स के तो भारत में बाकायदा मंदिर भी बने हुए हैं।

5/8भारतीय सिनेमा जगत में 'नेपोटिज्म' की खूब चर्चा तो होती है, लेकिन क्या आपको पता है कि इसी वजह से हमने गिनीज बुक में भी जगह पाई है। कपूर खानदान का नाम 'गिनीज वर्ल्ड बुक' में दर्ज है क्योंकि उनकी एक ही परिवार की पांच पीढ़ियां (पृथ्वीराज कपूर से लेकर रणबीर-करीना तक) सिनेमा जगत का हिस्सा रही हैं।

6/8आपको जानकर हैरानी होगी कि राज कपूर रूस में वहां के लोकल हीरोज से ज्यादा पॉपुलर थे। वहीं, रजनीकांत का जापान में इतना जबरदस्त क्रेज है कि वहां उनकी फिल्मों के खास शोज चलते हैं। मिथुन चक्रवर्ती का 'डिस्को डांसर' अवतार आज भी रूस और मिड एशिया के देशों में एक कल्ट माना जाता है।

7/8दुनिया भर की सिनेमा इंडस्ट्री आज 90 मिनट से 2 घंटे की फिल्मों की ओर बढ़ रहा है, लेकिन भारतीय दर्शक आज भी 'पैसा वसूल' अनुभव के लिए कम से कम 2.5 से 3 घंटे की फिल्म की उम्मीद करते हैं। भारत में फिल्म देखने जाना मतलब पूरा दिन इसके लिए निकालना पड़ता है। क्योंकि कई बार 3 घंटे की फिल्म और इंटरवल फिर फिल्म से पहले और बाद थोड़ा घूमना फिरना पूरा दिन लेता है।

8/8भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से है जहां फिल्मों में स्मोकिंग या शराब के सीन आने पर स्क्रीन के नीचे 'चेतावनी' दिखाना जरूरी है। विदेशी फिल्मों को भी भारत में रिलीज होते समय इन नियमों का पालन करना पड़ता है, जो बाहर के फिल्ममेकर्स के लिए काफी अजीब अनुभव होता है।
