
साउथ की फिल्मों में शानदार काम करने वाले विजय देवरकोंडा के जीवन में एक वक्त ऐसा भी था जब वो एक्टिंग को छोड़ देना चाहते थे। हालांकि, उन्होंने ये कदम नहीं उठाया। आज हम आपको विजय देवरकोंडा के बारे में कुछ दिलचस्प बातें बता रहे हैं।

2/8विजय देवरकोंडा के पिता की बात करें तो वो एक टीवी डायरेक्टर हैं। उनका नाम देवरकोंडा गोवर्धन राव है। पिता के इंडस्ट्री से जुड़े होने के कारण ही विजय का छोड़ा झुकाव इंडस्ट्री की तरफ रहा।

3/8विजय देवरकोंडा का फिल्मी डेब्यू साल 2011 में हुआ था। उनकी पहली फिल्म का नाम नुव्विला था। फिल्म को रवि बाबू ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म के बाद विजय कई और फिल्मों में नजर आए, लेकिन विजय को असली पहचान मिली ब्लॉकबस्टर फिल्म अर्जुन रेड्डी से।

4/8अर्जुन रेड्डी के बाद विजय का करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा। साल 2019 में विजय देवरकोंडा को फोर्ब्स इंडिया की 30 अंडर 30 सूची में शामिल किया गया था। विजय उस साल के सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले साउथ इंडियन एक्टर थे।

5/8एक्टिंग से पहले विजय को राइटिंग में खास दिलचस्पी थी। चार साल की उम्र से ही विजय ने शॉर्ट कहानियां और कविताएं लिखना शुरू कर दिया था। एक्टर एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते थे जहां उनकी दिलचस्पी राइटिंग की ओर और बढ़ी।

6/8एक्टिंग के साथ-साथ विजय देवरकोंडा की एक क्लोदिंग ब्रैंड भी है। इस क्लोदिंग ब्रैंड का नाम है राउडी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय पहले ऐसे तेलुगु एक्टर हैं जो एक क्लोदिंग ब्रैंड के मालिक हैं।

7/8साल 2011 में एक्टिंग डेब्यू करने वाले विजय के पास बहुत से मौके नहीं आ रहे थे। उस वक्त एक एक्टर के तौर पर उनके लिए सबसे मुश्किल वक्त था। विजय ने एक पुराने इंटरव्यू में इस बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि वो एक्टिंग छोड़ बैंकिंग जॉब करने वाले थे।

8/8उन्होंने बताया कि वो पढ़ाई में अच्छे थे। उन्होंने अपने एग्जाम में टॉप किया था। एक्टिंग डेब्यू के बाद भी जब विजय के पास काम नहीं था तब उनकी बहन उनसे धीरे-धीरे सवाल करने लगी कि अब वो क्या करेंगे। इसी दौरान उनकी बहन उन्हें जॉब एप्लिकेशन्स भेजती थीं। उनसे उनका फॉलोअप लेती थीं। उनके परिवार को उनके करियर की चिंता थीं। विजय ने बताया था कि उनपर बहुत ज्यादा प्रेशर था। आखिरकार जब जब उनकी फिल्म येवाडे सुब्रमण्यम आई तब उनके परिवार ने उनका सपोर्ट करना शुरू किया।
