सिर्फ बच्चों के लिए नहीं हैं ये फिल्में, बड़ों को भी जरूर देखनी चाहिए, हर कहानी देती है अहम सीख

बच्चों की कई फिल्मों को बड़े यह सोचकर नजरअंदाज कर देते हैं कि इसमें उनके लिए कुछ खास नहीं होगा। लेकिन बच्चों की कुछ फिल्में ऐसी हैं जो बड़ों को भी जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि इनमें बड़ों के लिए भी अहम सीख हैं।

Puneet ParasharApr 08, 2026 05:48 pm IST
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बड़ों को भी जरूर देखनी चाहिए बच्चों की ये फिल्में

आज ओटीटी पर कई ऐसी फिल्में मौजूद हैं जो जब रिलीज हुईं तो बहुत से वयस्क लोग इन्हें यह सोचकर देखने नहीं गए थे, क्योंकि उन्हें यह बच्चों वाली फिल्में लगीं। लेकिन भले ही इन फिल्मों में मुख्य स्टार कास्ट चाइल्ड एक्टर हों, पर ये फिल्में बड़ों को भी अहम सीख देती हैं। तो चलिए आज जानते हैं ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में जो यूं तो बच्चों के लिए बनाई गईं, लेकिन बड़ों के लिए भी देखना बहुत जरूरी है।

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हवा हवाई

साल 2014 में आई पार्थो गुप्ते स्टारर यह फिल्म एक ऐसे बच्चे की है जो चाय की टपरी पर काम करते हुए स्केटिंग सीखने का सपना देखता है। गरीबी और मुश्किलों के बीच एक बड़ा सपना देखने की हिम्मत दिखाते बच्चे की यह कहानी बड़ों के लिए भी मोटिवेशन है।

3/10

धनक

राजस्थान के बैकड्रॉप में बनी यह फिल्म साल 2015 में रिलीज हुई थी। कहानी एक 10 साल की बच्ची और उसके भाई की है जो देख नहीं सकता। अपने भाई की आंखों की रोशनी वापस लाने की उम्मीद में यह लड़की और उसका भाई सुपरस्टार शाहरुख खान से मिलने निकल पड़ते हैं।

4/10

मासूम

शेखर कपूर की इस क्लासिक फिल्म में जुगल हंसराज ने एक ऐसे बच्चे का रोल किया था जिसके आने से उसके पिता की शादीशुदा जिंदगी में तूफान आ जाता है। रिश्तों की कड़वाहट और बचपन की मासूमियत को बखूबी दिखाती यह फिल्म साल 1983 से लेकर आज तक रिलेवेंट है।

5/10

मकड़ी

बतौर निर्देशक यह विशाल भारद्वाज की पहली फिल्म थी। इसमें श्वेता बसु प्रसाद ने जुड़वां बहनों का डबल रोल निभाया था। इस हॉरर कॉमेडी फिल्म के जरिए यह मैसेज देने की कोशिश की गई थी, कि अगर हम अपने डर के पार जाने की कोशिश करें, तो कई बार यह अंधविश्वास से ज्यादा कुछ नहीं होता है।

6/10

काका मुत्तई

यह तमिल ड्रामा फिल्म चेन्नई के एक स्लम में रहने वाले 2 भाइयों की कहानी है। इन दोनों का बस एक ही सपना है, उन्हें एक बार पिज्जा खाना है। यह फिल्म भले ही बड़ी बेसिक कहानी है, लेकिन इसका मैसेज बहुत डीप है कि कई बार दूर की चीजें बहुत आकर्षित करने के बावजूद कुछ खास नहीं होतीं।

7/10

चिल्लर पार्टी

नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी यह फिल्म बच्चों के एक ऐसे ग्रुप की कहानी है, जो एक आवारा कुत्ते को बचाने के लिए भ्रष्ट राजनेताओं से भिड़ जाते हैं। रणबीर कपूर की रामायण का निर्देशन कर रहे डायरेक्टर नितेश तिवारी ने इस फिल्म का डायरेक्शन किया था।

8/10

आई एम कलाम

साल 2010 में आई यह फिल्म एक गरीब बच्चे छोटू की कहानी है, जो पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से मिलने का सपना देखता है। यह फिल्म हर बच्चे के लिए शिक्षा के अधिकार पर एक बहुत ही सटीक और जरूरी मुद्दा उठाती है।

9/10

स्टैनली का डब्बा

यह फिल्म एक ऐसे बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है जो कभी स्कूल लंचबॉक्स नहीं लाता। फिल्म में हर किरदार की कई लेयर्स हैं। बचपन, भूख और गरीबी जैसे तमाम अहम मुद्दों पर बात करती इस फिल्म में मनोरंजन और सीख दोनों हैं।

10/10

तारे जमीन पर

आमिर खान के निर्देशन में बनी यह फिल्म डिस्लेक्सिया से जूझ रहे 8 साल के बच्चे की कहानी है। यह फिल्म हमारे एजुकेशन सिस्टम और माता-पिता के दबाव पर जोरदार चोट करती है।

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