कर्ज का बोझ ना केवल आर्थिक परेशानी देता है, बल्कि मानसिक चिंता भी बढ़ा देता है। हिंदू धर्म में मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ मंगल देव और हनुमान जी की उपासना का भी महत्व बताया गया है। आज 8 सितंबर 2026 को शिव भक्त भौम प्रदोष का व्रत रखे हुए हैं। धार्मिक मान्यता है कि भौम प्रदोष पर मंगल से जुड़े मंत्र और स्तोत्र का पाठ करने से कर्ज संबंधी परेशानियों में राहत की कामना की जा सकती है। इस दिन ऋण मोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करना विशेष लाभकारी माना जाता है।
आज है भौम प्रदोष का पावन दिन
त्रयोदशी तिथि जब मंगलवार के दिन आती है, तब इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा है। मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है और मंगल को भूमि पुत्र तथा ऊर्जा का कारक कहा गया है। इसी वजह से भौम प्रदोष को शिव आराधना के साथ मंगल देव और हनुमान जी की उपासना के लिए भी खास माना जाता है। भक्त इस दिन अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना करते हैं।
ऋण मोचन मंगल स्तोत्र का करें पाठ
भौम प्रदोष पर ऋण मोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करने की धार्मिक मान्यता है। इसमें मंगल देव के अलग-अलग नामों का स्मरण करते हुए उनसे कर्ज, रोग, भय और परेशानियों से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। स्तोत्र में मंगल देव को ऋणहर्ता और धनप्रद बताया गया है। मान्यता है कि इस स्तोत्र का श्रद्धा से पाठ करने से मंगल देव की कृपा प्राप्त होती है और आर्थिक परेशानियों से बाहर निकलने का रास्ता मिलता है।
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पाठ से पहले पूजा की तैयारी करें
ऋण मोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करने से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें। संभव हो, तो लाल रंग के वस्त्र धारण करके लाल आसन पर बैठें। इसके बाद एक चौकी पर भगवान हनुमान या मंगल देव की तस्वीर रखकर दीपक जलाएं। सबसे पहले गणेश जी का स्मरण करें, इसके बाद भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा करें। इसके बाद शांत मन से ऋण मोचन मंगल स्तोत्र का पाठ शुरू करें।

