पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सेना के काफिले पर हमले के बाद पूरे सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गुरुवार को मस्तुंग जिले में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने सैन्य काफिले पर हमला किया, जिसे इस साल के सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। बीएलए ने दावा किया है कि इस हमले में 45 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, हालांकि पाकिस्तान सरकार और सेना ने अभी तक किसी भी मौत के आंकड़े की पुष्टि नहीं की है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने केवल इतना स्वीकार किया कि सेना का काफिला हमले का शिकार हुआ और उसके बाद बड़े स्तर पर राहत व सुरक्षा अभियान शुरू किया गया।
हमले के बाद बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के कई प्रमुख अस्पतालों में मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। सिविल हॉस्पिटल क्वेटा, घौस बख्श रायसानी मेमोरियल हॉस्पिटल और आसपास के अन्य चिकित्सा केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया। घायल सुरक्षा कर्मियों को मस्तुंग से एंबुलेंस के जरिए अस्पतालों में पहुंचाया गया। हेलीकॉप्टर गनशिप की मदद से भी घायलों को निकालने और इलाके में तैनात सैनिकों को सहायता पहुंचाने का काम किया गया। पाकिस्तान ने अब तक यह नहीं बताया कि कितने सैनिक घायल हुए हैं या अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।
सैन्य काफिले को बनाया निशाना
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, सेना का काफिला करीब 10 बसों में सफर कर रहे जवानों का था, जो छुट्टी पर जा रहे थे। बीएलए ने कहा कि उसका निशाना यही सैन्य काफिला था और हमले के दौरान सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को भी निशाना बनाया गया। घटना के बाद क्वेटा-कराची राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों पर यातायात रोक दिया गया, ताकि बचाव अभियान और तलाशी अभियान चलाया जा सके। पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है और अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। हालांकि बीएलए के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तानी सेना ने अपने नुकसान का आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं किया है।

